मुझे धर्म सिर्फ इंसानियत लगता है।
धार्मिक ग्रंथ की जानकारी बस वहीं तक सीमित है जहाँ तक दादी गा कर सुनाती थी।
दुनिया भर के व्रत उपवास मेरे लिए सिर्फ रसोई का उत्सव मात्र रहे।
हर त्योहार में सदा अपना एंगल खोजती रही।
परंपराओं के फेरे में डांट फटकार खा कर भी नहीं उलझी।
अब हर जन्माष्टमी पर कान्हा नहीं बल्कि राधा याद आती हैं।
चुलबुली राधा का अक्स उभर आता करता है मन में।
कहते हैं वे उम्र में कन्हैया से बड़ी थीं।
उम्र के फ़ासला को दरकिनार करते हुए कृष्ण से प्रेम करती हैं।
यूँ तो प्रेम बड़ा या छोटा नहीं होता और न ही कम या ज्यादा होता है ....
फिर भी राधा का प्रेम कृष्ण के प्रेम से बड़ा था।
राधा ने जितना प्रेम कृष्ण से किया उसका एक हिस्सा भी कृष्ण राधा से नहीं कर पाए।
कृष्ण ने राधा से एक बार पूछा , " राधे ! मैं कहाँ नहीं हूँ ? ”
राधा ने झट उत्तर दिया, “ मेरे नसीब में। ”
अब जो नसीब में है ही नहीं उससे कैसी प्रीत !!!!!
नहीं ....
यही तो असली प्रीत है जो सदा इकतरफ़ा होती है।
यही कारण है राधा का प्रेम कृष्ण के प्रेम से कहीं अधिक बड़ा था।
कृष्ण तो एक कुशल राजनीतिक थे।
वे छल करने में प्रवीण थे।
कृष्ण जो कभी राधा की एक मुस्कान के लिए बाँसुरी बजाते थे
वही राधा को धर्मयुद्ध रचा कर भूल गए।
राधा गाय का दूध बिलोती
मक्खन बनाती
गली-गली माखन भरी मटकिया लिए भटकती फिरतीं
भीतर बाहर कृष्ण को ढूँढ़तीं,
किन्तु कृष्ण !!!!!!!
कृष्ण तो अर्जुन के सारथी बन रथ लिए सूर्योदय से सूर्यास्त तक
भीष्म पितामह की शैया के गवाह बन
अमावस्या की रात में सूर्य के प्रकट होने का चौपड़ बिछवाते रह गए।
राधा को कृष्ण भूल गए ....।
राधा को कृष्ण के साथ ही याद किया जाता है
कृष्ण के नाम के बिना राधा को बिसरा दिया जाता है
राधा तभी तक अपना अस्तित्व साबित कर पाती हैं जब तक वे कन्हैया के साथ होती हैं
राधा खो जाती हैं गुमनामी के अँधेरे में जब कृष्ण साथ नहीं होते।
आज भी कृष्ण का आदि अंत जानते हैं लोग
राधा को कोई नहीं जानता वे कहाँ से आईं और कहाँ गईं ....।
राधा !
प्रेम तुम्हारा ही विशाल है
जो लेना नहीं देना जानता है।
तुम लाख छली जाओ राधे !
भले ही जग में पागल कहलाओ,
फिर भी राधे !
तुम्हीं ने सच्चा प्रेम कृष्ण से किया है।
वाकई राधा का प्रेम महान है और इसी लिए राधा कृष्ण से पहले पुकारी जाती है । राधेश्याम, राधेकृष्ण, राधारमण कभी कोई रुक्मणि या सत्यभामा को उनसे पहले लगाते देखा है ।
ReplyDelete-- रेखा
सही कहा
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