A Home away from Home
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पहले मुझे लगता था अपनों द्वारा उपेक्षित और ठुकराये इंसानों के लिए वृद्धाश्रम /Old Age Home आखिरी उपाय हैं ...
किन्तु ....
अब मेरी धारणा बदल रही है ...
अब मुझे लगता है ...
" वृद्धाश्रम इंसान की प्राथमिक ( primary ) आवश्यकता है।
आप ख़ुद बच्चों के साथ सामंजस्य न बैठा पा रहे हों तो ...
बच्चे आपके साथ एडजस्ट न करना चाहते हों तो ...
वृद्धाश्रम को अपनाने में कोई हर्ज़ नहीं।
इसमें कोई शर्मिन्दगी अभिभावकों नहीं होनी चाहिए।
बच्चों ने आपके साथ रहना नहीं स्वीकार किया तो , अथवा अपनी personal space के लिए उन्होंने अपने घर से आपको निकाल दिया तो , अथवा
झूठ बोल कर आपको बिना बताये आपके घर को छोड़ कर चले गये तो ....
बजाय दुखी होने के और घोर डिप्रेशन में चले जाने के , और
अनहोनी को निमंत्रण देने के ...
वृद्धाश्रम को अपनाया ही जाना चाहिए।
NGO , धर्मार्थ कार्य करने वाली संस्थाओं और स्वयं सरकार को वृद्धाश्रम बनवाने और उनका उचित प्रबन्धन किया जाना चाहिए।
आप भी यदि किसी वृद्धाश्रम के बारे में जानते हों तो उसका नाम,पता ,शहर/गाँव एवं उसका शुल्क / Fees के बारे में comment में लिख सकते हैं और उन सभी अनजान ,संकोची व डिप्रेशन से जूझ रहे इंसानों की बिना पूछे मदद कर सकते हैं। हो सकता है आपके द्वारा दी गयी जानकारी को वे चुपचाप ले लें जो उनके बहुत काम आये।
एक हाथ बढ़ा कर देखिये ....

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